Saturday, 03 October 2026
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दिल्ली की 1500+ कच्ची कॉलोनियां होंगी पक्की: 45 लाख लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, 24 अप्रैल से शुरू होंगे आवेदन

7 दिन में GIS सर्वे, 45 दिन में कन्वेयंस डीड; छोटी दुकानों को भी राहत, TOD नीति से बदलेगा शहरी ढांचा

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

राजधानी दिल्ली में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने 1500 से ज्यादा अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों को नियमित करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले से करीब 45 लाख लोगों को अपने घरों पर मालिकाना हक मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से इस अधिकार का इंतजार कर रहे थे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस बड़े फैसले का ऐलान करते हुए बताया कि कुल 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने इसके लिए नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार जताया और कहा कि PM उदय योजना ने इस दिशा में अहम भूमिका निभाई है।

24 अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी। पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
7 दिन में GIS सर्वे पूरा होगा
15 दिन में आवेदन की कमियां दूर करने का मौका मिलेगा
45 दिन के भीतर कन्वेयंस डीड जारी की जाएगी

इसका मतलब है कि अब लोगों को लंबे इंतजार और जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी और वे कानूनी रूप से अपने घर के मालिक बन सकेंगे।

छोटे व्यापारियों को भी राहत

सरकार ने सिर्फ घरों तक ही नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों को भी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा। इससे हजारों छोटे व्यापारियों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और उनका व्यवसाय बिना डर के चल सकेगा।

22 बड़ी बाधाएं हटाईं गईं

सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 22 प्रमुख बाधाओं को खत्म किया है। इससे पहले कई तकनीकी और कानूनी अड़चनें थीं, जिनकी वजह से नियमितीकरण की प्रक्रिया अटकी रहती थी। अब इन रुकावटों को हटाकर प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है।

TOD नीति से बदलेगा दिल्ली का नक्शा

सरकार ने भविष्य की योजना पर भी बड़ा फोकस रखा है।
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत मेट्रो और RRTS कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाएगा।

इस योजना के तहत:

  • उच्च घनत्व (High Density) विकास होगा
  • आवास, व्यापार और सुविधाओं का मिश्रित उपयोग होगा
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आसपास बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा

इससे दिल्ली में रहने और काम करने की सुविधाएं और बेहतर होंगी।

वर्षों पुरानी समस्या का समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों का मुद्दा दशकों पुराना है और लाखों परिवार अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। अब इस पहल से न सिर्फ उन्हें कानूनी पहचान मिलेगी, बल्कि उनका सामाजिक और आर्थिक दर्जा भी मजबूत होगा।

क्या बदलेगा इस फैसले से?

  • लोगों को मिलेगा कानूनी मालिकाना हक
  • प्रॉपर्टी की वैल्यू में होगा इजाफा
  • बैंक लोन और अन्य सुविधाएं लेना होगा आसान
  • कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं का विकास तेज होगा

दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी के शहरी ढांचे और लाखों लोगों की जिंदगी बदलने वाला साबित हो सकता है। वर्षों से अनिश्चितता में जी रहे परिवारों को अब अपने घर का कानूनी अधिकार मिलने जा रहा है, जिससे उनकी जिंदगी में स्थिरता और सुरक्षा आएगी।

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IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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