Monday, 13 July 2026
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वाराणसी-नई दिल्‍ली वंदे भारत ट्रेन में ऐसी खासियत जिसका यूरोप में होता है इस्‍तेमाल

नई दिल्ली।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर को एक और वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार, 18 दिसंबर को दूसरी वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। देश की दूसरी भगवा रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में कई नई किस्म की सुविधाओं को जोड़ा गया है। इसमें ‘कवच’ प्रणाली एक खास फीचर है, जो ट्रेन को दुर्घटना से पहले ही रोकने का कार्य करता है। उत्तर रेलवे ने जानकारी देते हुए कहा कि देश की दूसरी भगवा रंग की वंदे भारत ट्रेन टक्कर रोधी प्रणाली ‘कवच’ से लैस है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने यह भी कहा कि ट्रेन को टक्कर से बचाने के लिए केवल ‘कवच’ का लोको कंपोनेंट लगाना तब तक प्रभावी नहीं है, जब तक कि ट्रेन के पूरे रूट पर पूरी प्रणाली लागू न हो जाए। टक्‍कर रोधी सिस्‍टम का इस्‍तेमाल यूरोपीय देशों में भी किया जाता है।

उत्तर रेलवे ने सोमवार को एक बयान में कहा कि वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत में बेहतर डिजाइन, इंटीरियर और गति है जो यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करती है। साथ ही ट्रेन, कवच तकनीक सहित सबसे उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से भी लैस है। भारतीय रेलवे का कहना है कि अब तक लॉन्च की गई अन्य वंदे भारत ट्रेनों में भी कवच प्रणाली है। कवच उस स्थिति में ट्रेन के इंजन चालक को स्वचालित ब्रेक लगाने में मदद करता है, जब चालक ऐसा करने में विफल रहता है। इस तरह यह टकराव से बचाता है और खराब मौसम के दौरान ट्रेन को सुरक्षित रूप से चलाने में भी मदद करता है। हालांकि फिलहाल वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर कवच प्रणाली नहीं लगाई गई है।

सितंबर में पहली भगवा वंदे भारत की शुरुआत

रेलवे ने इससे पहले 24 सितंबर को केरल के कासरगोड और तिरुवनंतपुरम के बीच पहली भगवा-ग्रे रंग की वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की थी। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाई थी। इससे अलावा अन्य नौ वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई थी। वहीं अब दूसरी भगवा वंदे भारत को वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर चलाया गया है।

ट्रेन में कई तरह की सुविधाएं

उत्तर रेलवे ने इस ट्रेन में यात्रियों को बेहतर सुविधा दी है। ट्रेन में ऑनबोर्ड वाई-फाई इंफोटेनमेंट, जीपीएस-आधारित यात्री सूचना प्रणाली, आलीशान इंटीरियर, टच- फ्री सुविधाओं के साथ बायो- वैक्यूम टॉइलट, विसरित एलईडी लाइटिंग, हर सीट के नीचे चार्जिंग पॉइंट, पर्सनलाइज टच-आधारित रीडिंग रोशनी और छुपाए गए रोलर ब्लाइंड्स जैसी कई खास सुविधाएं यात्रियों के लिए दी गई हैं।

क्या रहेगा ट्रेन का रूट और किराया

जानकारी के अनुसार वाराणसी से नई दिल्ली के बीच शुरु हुई दूसरी वंदे भारत ट्रेन वाराणसी से दिल्ली के बीच प्रयागराज और कानपुर होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। बता दें कि पहली वंदे भारत के चेयरकार का किराया 850 रुपये और एग्जीक्यूटिव एसी चेयरकार का किराया 2400 रुपये के आसपास रखा गया था। इसी आधार पर इस ट्रेन का भी किराया कुछ इसी प्रकार होगा। 16 कोच वाली इस ट्रेन में दो कोच एग्जीक्यूटिव कार और अन्य चेयरकार के होंगे।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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