पेट्रोल पंप पर मिलेगी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपॉयर होने की चेतावनी, 3 घंटे में नहीं किया रिन्यू तो सिस्टम ऑटोमैटिक काट देगा पेनल्टी के साथ चालान

6 करोड़ होंगे खर्च, टेंडर नोटिस हुआ जारी

नई दिल्ली।

दिल्ली में अब आपको अपनी गाड़ी के पॉल्यूशन की समय पर जांच करा कर सर्टिफिकेट लेना होगा, आपने अगर ऐसा नहीं किया तो फिर आपके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। परिवहन विभाग ने एक ऐसी ही एक योजना तैयार की है। जिसके तहत पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से गाड़ियों की नंबर प्लेट रीड कर ऑटोमैटिक तरीके से यह पता लगाया जा सकेगा कि किस गाड़ी के पास वैलि पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल(पीयूसी) सर्टिफिकेट है और किसके पास नहीं। जिन वाहन चालकों के पास पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंप के कर्मचारी या सीएनजी स्टेशन पर पीयूसी सेंटर के संचालक बताएंगे कि वे पीयूसी जांच करा लें। अगर तीन घंटे के अंदर पीयूसी जांच नहीं कराई जाती है तो इस योजना के तहत लगाया गया सिस्टम ऑनलाइन तरीके से चालान काट देगा और आपको भारी पेनल्टी देनी होगी।

इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (DTIDC) ने टेंडर नोटिस जारी किया है। इस पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह टेंडर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले ही जारी कर दिया गया था। जब तक आचार संहिता लागू रहेगी, उस दौरान बिड्स आ जाएंगी और उनका इवेल्यूएशन कर लिया जाएगा। जैसे ही चुनाव खत्म होंगे और आचार संहिता हटेगी, वैसे ही वर्क ऑर्डर दे दिया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगर बिडिंग सफल रही तो अगस्त तक इस सिस्टम को शुरू किया जा सकता है, ताकि सर्दियां शुरू होने से पहले ही वाहनों की प्रदूषण जांच के पूरे सिस्टम को मजबूत बनाया जा सके।

ऐसे काम करेगा सिस्टम

दिल्ली में 500 से अधिक पेट्रोल पंपों और 100 से अधिक सीएनजी स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड ड्राइव को जीपीयू से कनेक्ट करके ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा। कैमरे नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे और परिवहन विभाग का वाहन डेटाबेस तुरंत उसका रिकॉर्ड चेक करके पीयूसी की वैलिडिटी पता कर लेगा। वेलिड पीयूसी नहीं होने पर सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से ई-चालान जनरेट कर देगा। पेट्रोल पंप के संचालकों और वहां बने पीयूसी सेंटर के ऑपरेटर को भी वेंडर द्वारा लगाई गई स्क्रीन के जरिए यह पता चल जाएगा कि किस गाड़ी के पास वेलिड पीयूसी नहीं है। सिस्टम तीन घंटे बाद फिर से उस गाड़ी का स्टेटस चेक करेगा और अगर तब पीयूसी जांच नहीं हुई होगी, तो उस गाड़ी का चालान कट जाएगा। ओवरएज हो चुकी गाड़ियों के मामले में भी इसी तरीके से कार्रवाई की जा सकेगी।

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