फिल्म जागृति – द अवेकनिंग का संदेश संघर्ष करे हार ना माने न्याय अवश्य मिलेगा

फिल्म जागृति – द अवेकनिंग का संदेश संघर्ष करे हार ना माने न्याय अवश्य मिलेगा

नई दिल्ली।

बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर यही देखने को मिलता है कि क्राइम हो जाने के बाद ही पुलिस प्रशासन सक्रिय होता है, और यही हाल पीड़ित के साथ भी होता है अपराध हो जाने के बाद ही पीड़ित इंसाफ पाने के लिए कोर्ट पुलिस और आला अधिकारियों की शरण में जाता है, लेकिन फिल्म जागृति – द अवेकनिंग एक ऐसी फिल्म है जो एक निडर, साहसी लडकी के उस संघर्ष की कहानी है जो उसने क्राइम होने की भनक मिलते ही शुरू किया , सत्ता में बैठे कुछ नेताओ, पॉवर फुल लोगो के साथ पुलिस और अपराधियों के खिलाफ ऐसा संघर्ष किया जिसमे जीत इसी लड़की की हुई।

इस साल की आखिरी तिमाही में रिलीज होने वाली फिल्म जागृति – द अवेकिंग – की मेकर कम्पनी परिवार फिल्म्स लिमिटेड और ग्रीन आई प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड है, फिल्म के डायरेक्टर हरीश कुमार , राइटर पुष्कर तिवारी एवं शिल्पी शिवम और फिल्म में लीड किरदार निभा रहे एक्टर रजनीश दुग्गल, आस्कर में एंट्री पाने वाली फिल्म न्यूटन में अहम किरदार निभा चुकी एक्ट्रेस अंजलि पाटिल , ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने रूबरू हुए। फिल्म की मेकिंग कंपनी के परिवार फिल्म्स लिमिटेड एंड ग्रीन आई प्रोडक्शन प्रा लिमिटेड के प्रवक्ता के अनुसार , हम पूर्व प्लानिंग के अनुसार फिल्म का निर्माण करते है कंप्लीट पेपर वर्क के बाद फिल्म की शूटिंग लोकेशन आदि सभी विषयों पर फुल होने वर्क के बाद फिल्म को फ्लोर पर लेकर जाते है, यही वजह है इस फिल्म की शूटिंग भी स्टार्ट टू फिनिश लखनऊ, गोमती नगरी की अलग अलग लोकेशन पर होगी, फिल्म सच के नजदीक लगे इसीलिए हम फिल्म की 100% फीसदी शूटिंग उत्तर प्रदेश में करेंगे।

फिल्म के डायरेक्टर हरीश कुमार और लेखक पुष्कर तिवारी ने मीडिया के सवालो के जवाब में बताया हमारी फिल्म नारी सशक्तिकरण और नारी के अबला नहीं सबला और कभी हार ना मानने वाली शक्ति होने का संदेश देती है, ऐसा हमे प्रदेश के लोकप्रिय मुख्य मंत्री आदित्यनाथ योगी जी की कार्यप्रणाली और प्रदेश में महिलाओं के अंदर आत्मविश्वास बढाने के साथ प्रदेश में कानून व्यवस्था का ऐसा सिस्टम तैयार किया कि कुछ साल पहले तक दिन ने प्रदेश की महिलाए खुद को जरा भी सुरशित महसूस नही करती थी तो आज रात को भी ड्यूटी करके यही महिलाए बेखौफ अकेले घर आती है, आदित्यनाथ योगी जी के इन्ही प्रयासों ने हमें यह महिला प्रधान फिल्म बनाने की प्रेरणा दी।

तिवारी ने बताया फिल्म की नायिका एक मिडिल क्लास फैमिली की है स्टडी में हमेशा टॉप रहने वाली और अपनी योग्यता के दम पर एक कंपनी ने प्रोजेक्ट मैनेजर का पद हासिल करने वाली फिल्म की नायिका को कंपनी का बॉस जब 50 करोड के एक प्रोजेक्ट को किसी भी तरह से हासिल करने के लिए जोर डालता है तब नायिका अपना चंडी रूप दिखा सभी को हैरान कर देती है। फिल्म के लेखक पुष्कर तिवारी के अनुसार यह फिल्म नारी शक्ति की गाथा है जो डर कर हार ना मानने और संघर्ष करने का संदेश देती है, हमारी फिल्म महिलाओ को एक ऐसा संदेश देगी जो उनके अंदर पुलिस और न्याय व्यवस्था के प्रति निगेटिव नही पॉजिटिव सोच का संदेश देगी, फिल्म में वकील का किरदार निभा रहें कलाकार का मकसद पीड़ित को हर हाल में न्याय दिलाना है, अक्सर हमारी फिल्मों ने पुलिस और वकील की इमेज बेहद नेगेटिव होती है लेकिन जागृति देखने के बाद दर्शको की सोच बदल जाएगी।

फिल्म के नायक रजनीश दुग्गल ने कहा मैंने जब फिल्म की स्क्रिप्ट और अपने रोल को सुना तो बिना एक पल गवाए फिल्म साइन कर ली मुझे गर्व है कि मैं एक बेहतरीन प्रॉजेक्ट का हिस्सा हूं, न्यूटन में प्रमुख किरदार निभा चुकी जानी मानी एक्ट्रेस अंजलि पाटिल ने कहा मुझे खुशी है कि अब हमारी फिल्मों ने महिलाओ को केंद्र में रख कर किरदार लिखे जा रहे है यह फिल्म भी एक महिला के हार ना मानने और अपने स्ट्रगल को विजय तक ले जाने की कहानी है और इस फिल्म में मेरा किरदार स्क्रिप्ट का अहम हिस्सा है।

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