कांग्रेस के बैंक खातों को किया अनफ्रीज, 210 करोड़ रुपए से जुड़े मामले में आयकर विभाग ने घेरा, कांग्रेस ने कहा लोकतंत्र पर गहरा हमला

कांग्रेस के बैंक खातों को किया अनफ्रीज, 210 करोड़ रुपए से जुड़े मामले में आयकर विभाग ने घेरा, कांग्रेस ने कहा लोकतंत्र पर गहरा हमला

नई दिल्ली।

कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज करने की आयकर विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जताने के बाद देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के बैंक खातों को शुक्रवार को अनफ्रीज कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी कोषाध्यक्ष अजय माकन के शुक्रवार को यह कहने पर कि पार्टी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, टैक्स ट्रिब्यूनल (आयकर विभाग) ने कहा कि पार्टी के बैंक खातों तक पहुंच पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इस घटनाक्रम की पुष्टि राज्यसभा सांसद और वकील विवेक तन्खा ने की। वे दिल्ली की आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण पीठ के समक्ष कांग्रेस पार्टी के लिए पेश हुए थे। यह पूरा मामला कांग्रेस के बैंक खातों से जुड़े 210 करोड़ रुपए से जुड़ा है। इस वित्तीय लेनदेन पर आयकर ने कुछ आपत्ति जताई थी जिसके बाद पार्टी के बैंक खाते फ्रीज होने की बात सामने आई।

राहुल का प्रधानमंत्री मोदी पर हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी के बैंक खातों को लेकर हुई कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ‘डरो मत मोदी जी, कांग्रेस धन की ताकत का नहीं, जन की ताकत का नाम है। हम तानाशाही के सामने न कभी झुके हैं, न झुकेंगे। भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कांग्रेस कार्यकर्ता जी जान से लड़ेगा।’ इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के खाते फ्रीज करने का कदम भारतीय लोकतंत्र पर गहरा हमला है। खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सत्ता के नशे में मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के खाते फ्रीज कर दिए हैं। यह भारत के लोकतंत्र पर गहरा हमला है!”

210 करोड़ रुपए का मामला

वहीं अजय माकन ने पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि “इनकम टैक्स ने यूथ कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी से 210 करोड़ रुपये की रिकवरी मांगी है। हमारे खातों में क्राउडफंडिंग का पैसा फ्रीज कर दिया गया है। चुनाव से ठीक 2 हफ्ते पहले विपक्ष के बैंक खाते फ्रीज करना लोकतंत्र को फ्रीज करने के बराबर है।” वहीं टैक्स ट्रिब्यूनल के सामने पेश हुए विवेक तन्खा ने कहा कि चूंकि पार्टी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, इसलिए वह आगामी लोकसभा चुनाव में भाग नहीं ले सकेगी। इस पर टैक्स ट्रिब्यूनल ने तन्खा से कहा कि बैंक खाते पर केवल ग्रहणाधिकार होगा। कहा गया है कि पार्टी के संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले बुधवार को होगी।

क्राउडफंडिंग से पैसा

यह पूरा मामला यूथ कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी से जुड़े बैंक खातों से जुड़ा है। इसमें 210 करोड़ रुपए की रिकवरी से जुड़ा मामला है। कांग्रेस का कहना है कि खातों में क्राउडफंडिंग से पैसा आया है। इसी पैसे को लेकर आयकर विभाग ने अपनी कार्रवाई की है। बैंक खातों को फ्रीज करने का मामला सामने आने पर कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई।

चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक बताने के आदेश के बाद उठाया गया कदम

कांग्रेस का दावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक घोषित करने के ठीक एक दिन बाद यह मामला आया है। 15 फरवरी को एक फैसले में शीर्ष अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक से चुनाव आयोग को चुनावी बॉन्ड के माध्यम से मिले दान –जिसमें संभवत: दानकर्ता शामिल होंगे –और योगदान प्राप्त करने वाले राजनीतिक दलों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा था। यह योजना 2018 की शुरुआत में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाई गई थी। इसके माध्यम से भारत में कंपनियां और व्यक्ति राजनीतिक दलों को गुमनाम दान दे सकते हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि अगर कोई बैंक खाता फ्रीज़ किया जाना चाहिए तो वह भाजपा का होना चाहिए, जिसे ‘असंवैधानिक कॉरपोरेट बॉन्ड प्राप्त हुए हैं’। चुनाव निगरानी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा को वित्तीय वर्ष 2022-23 में सभी कॉरपोरेट दान का लगभग 90 प्रतिशत प्राप्त हुआ है। एडीआर सुप्रीम कोर्ट में चुनावी बॉन्ड को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक थी। बहरहाल इस घटनाक्रम पर एक बयान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पार्टी विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरेगी।

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