रणजी ट्रॉफी: पुडुचेरी से बुरी तरह दिल्ली के हारने पर बोर्ड ने यश से लेकर हिम्मत को सौंपी कमान

रणजी ट्रॉफी: पुडुचेरी से बुरी तरह दिल्ली के हारने पर बोर्ड ने यश से लेकर हिम्मत को सौंपी कमान

नई दिल्ली।

दिल्ली क्रिकेट के इतिहास में सोमवार का दिन एक काला दिन साबित हुआ। रणजी ट्रॉफी में उसे पुडुचेरी के खिलाफ 9 विकेट से शिकस्त मिली। दिल्ली के लिए यह हार इसलिए शर्मनाक रही क्योंकि पुडुचेरी ने पांच साल पहले ही फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया है, जबकि दिल्ली की टीम दशकों से खेलती आ रही है और देश की दिग्गज टीमों में गिनी जाती है।

ग्रुप-डी के इस मुकाबले में दिल्ली की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 148 रन पर ढेर हो गई। पहली पारी में इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद गेंदबाजी में भी दिल्ली फ्लॉप रही और पुडुचेरी ने पहली पारी में 244 रन बनाते हुए 96 रन की लीड ले ली। इसके बाद दूसरी पारी में भी दिल्ली की टीम महज 145 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह पुडुचेरी को जीत के लिए 50 रन का लक्ष्य मिला, जो उन्होंने महज एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।

इस बार रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी यश ढुल कर रहे हैं। यश अपनी कप्तानी में भारत की अंडर-19 टीम को वर्ल्ड कप दिला चुके हैं लेकिन यहां रणजी में वह फ्लॉप साबित हुए। पुडुचेरी से मिली शर्मनाक हार का ठिकरा उन्हीं पर फूटा। उन्हें तत्काल दिल्ली की कप्तानी से हटा दिया गया। उनकी जगह अब हिम्मत सिंह को कप्तान बनाया गया है। वहीं आयुष बदौनी टीम के उप कप्तान बने रहेंगे।

दिल्ली के हेड कोच देवांग गाधी का कहना है कि यश को कप्तानी से हटाने का फैसला चयनकर्ताओं का है। मेरे हिसाब से यश दिल्ली और भारतीय क्रिकेट के भविष्य हैं। वह एक अच्छे क्रिकेटर हैं। उनकी प्राथमिकता अब रन बनाना होगी। इस वक्त कप्तानी उन्हें बतौर बल्लेबाज रन बनाने में मदद नहीं कर रही है।

जम्मू-कश्मीर से है दिल्ली का अगला मुकाबला

दिल्ली की टीम को अब 12 जनवरी से जम्मू-कश्मीर के खिलाफ रणजी मुकाबला खेलना है। जम्मू-कश्मीर की टीम दिल्ली के मुकाबले बेहद कमजोर है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली की टीम अपनी पिछली शर्मनाक हार का धब्बा किस तरह हटा पाती है।

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