लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा कदम, दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे से मिलेगा शीर्ष नेतृत्व

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा कदम, दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे से मिलेगा शीर्ष नेतृत्व

लिए जा सकते कुछ नए फैसले

नई दिल्ली।

दिल्ली में भाजपा नेतृत्व आज यानि सोमवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात करने वाला है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि ये दोनों नेता आज दिल्ली में रहेंगे, जहां भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इन दोनों के साथ बैठक करेगा। भाजपा नेतृत्व ऐसे वक्त में इन दोनों नेताओं से मुलाकात करने जा रहा है, जब विधानसभा नतीजों के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि भाजपा इन दोनों चेहरों को ही मध्य प्रदेश और राजस्थान में मुख्यमंत्री बनाएगी। मगर भाजपा ने मध्य प्रदेश में मोहन यादव और राजस्थान में भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका दिया।

हालांकि, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि वह अपनी पार्टी से अपने लिए कुछ मांगने के बजाय ‘मर जाना’ पसंद करेंगे। चार बार तक मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उन्हें जो भी काम देगी, वह उसे पूरा करेंगे। बता दें कि विधानसभा चुनावों में पार्टी की शानदार जीत के बाद भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया है।

मध्य प्रदेश की तरह ही राजस्थान में भी भाजपा ने वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री नहीं बनाकर सबको चौंका दिया था। जयपुर की सांगानेर सीट से पहली बार विधायक चुने गए भजनलाल शर्मा को भाजपा ने राजस्थान का नया मुख्यमंत्री बनाया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की बैठक में भजनलाल शर्मा को राज्‍य का नया मुख्‍यमंत्री चुना गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रखा था, जिसे विधायक दल ने स्वीकार कर लिया था। भजनलाल भाजपा के प्रदेश महासचिव हैं।

मध्य प्रदेश में क्या थे नतीजे

मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कुल 230 सीट में से 163 जीतकर शानदार विजय हासिल की। इसके बाद भाजपा ने मंदिरों के शहर उज्जैन से तीन बार विधायक रहे मोहन यादव को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना। लगभग दो दशकों तक मध्य प्रदेश की राजनीति पर हावी रहने वाले चौहान ने यादव को अपना उत्तराधिकारी चुने जाने के बाद 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे चौहान युग का अंत हो गया। शिवराज सिंह चौहान (64) ने खुद इस साल का विधानसभा चुनाव सीहोर जिले के बुधनी से एक लाख से अधिक वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीता।

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