रामायण-महाभारत की तर्ज पर जय श्री अग्रसेन सीरियल का आगाज

रामायण-महाभारत की तर्ज पर जय श्री अग्रसेन सीरियल का आगाज

15 अक्टूबर से संतवाणी चैनल पर होगा प्रसारण

नई दिल्ली।
रामायण और महाभारत, जय श्री कृष्णा तथा जय संतोषी मां जैसे धार्मिक सीरियल की कड़ी में पहली बार वैश्य समाज के आराध्य भगवान श्री अग्रसेन जी महाराज के जीवन वृत्त को लेकर “जय श्री अग्रसेन” का आगाज होने जा रहा है। अग्र विश्व ट्रस्ट द्वारा निर्मित महर्षि बेदिल कृत यह धारावाहिक प्रथम नवरात्र महाराज अग्रसेन जयंती के अवसर पर आगामी 15 अक्टूबर से शनिवार व रविवार को सुबह शाम प्रसारित किया जाएगा।‌ जिसे दर्शक संतवाणी चैनल पर शनिवार -रविवार सुबह 9:30 और रात 10: 30 पर तथा अग्र विश्व ट्रस्ट के ओटीटी प्लेटफार्म पर किसी भी समय देख सकते हैं।

प्रेस क्लब आफ इंडिया में शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में धारावाहिक के निर्माता निर्देशक व‌ लेखक महर्षि बेदिल ने कहा कि आज धर्म के पाखंड पर प्रहार, एक मानव के ईश्वर होने और समस्त मानव जाति को प्रकाशमान करने की कहानी है “जय श्री अग्रसेन”। श्री बेदिल ने कहा कि मां महालक्ष्मी ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देते हुए इस पवित्र ग्रन्थ की रचना करने का आदेश दिया। उसी से प्रेरित होकर उन्होंने इस महाग्रंथ और टीवी धारावाहिक का निर्माण का संकल्प लिया। इस ग्रन्थ को लिखने में उन्हे करीब तीन दशक का समय लगा।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में धारावाहिक का टीजर, टाइटल सांग और अग्र विश्व ट्रस्ट का ओटीटी प्लेटफार्म भी जारी किया गया। इस धारावाहिक में जाने-माने फिल्म अभिनेता सुदेश बेरी और अन्य अनेकों कलाकारों ने भूमिका निभाई है तो वहीं पार्शव गायिका अनुराधा पौडवाल और सुरेश वाडेकर के साथ ही राकेश काला ने इसके गीतों को अपनी आवाज से अलंकृत किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे धारावाहिक की शूटिंग दिल्ली के रोहिणी स्थित अग्र विश्व स्टूडियो में मुंबई की पूरी टीम ने की है।

किसी बड़े चैनल पर प्रसारित न करने के सवाल पर श्री बेदिल ने कहा कि वो लोग जो धर्म का धंधा करते हैं वो ऐसा नहीं करना चाहते और बिना किसी कमर्शियल ब्रेक के वो दर्शकों को यह धारावाहिक दिखाना चाहते हैं लेकिन कोई दूसरा चैनल इस शर्त पर तैयार नहीं हुआ तो उन्होंने संतवाणी चैनल का चयन किया। उन्होंने कहा कि यह कथा दर्शकों को वास्तविक धर्म प्रतिपालन अच्छे संस्कारों के लिए तो नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी ही साथ ही भगवान श्री एक रुपया एक ईंट के श्री अग्रसेन जी महाराज के समाजवादी और अर्थवादी सिद्धांत को भी प्रतिबिम्बित करेंगी।

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