दिल्ली के छतरपुर में शिव महापुराण यज्ञ के दौरान चंद्रयान 3 की सफलता की कामना के संग  दो लाख  से अधिक पार्थिव शिव लिंग की पूजा अर्चना की गई

दिल्ली के छतरपुर में शिव महापुराण यज्ञ के दौरान चंद्रयान 3 की सफलता की कामना के संग  दो लाख  से अधिक पार्थिव शिव लिंग की पूजा अर्चना की गई

चंद्रयान की सफल लेंडिंग अंतरिक्ष में भारत की एक ऊंची छलांग साबित होगा -संत वसंत विजय महाराज

नई दिल्ली।

दिल्ली के छतरपुर में चल रहे 55 दिवसीय शिव महापुराण यज्ञ के दौरान  आज 12 वें दिन चंद्रयान 3 की सफलता की कामना के संग  दो लाख से अधिक पार्थिव शिव लिंग की पूजा अर्चना की गई l अखंड रुद्राभिषेक महोत्सव 2023 के नाम से जाना जाने वाला यह कार्यक्रम छतरपुर के मार्कंडेय हॉल के भीतर अलंकृत शिव दरबार में प्रतिष्ठित संत डॉ. वसंत विजय महाराज जी द्वारा आयोजित किया जा रहा है l

संत वसंत विजय महाराज ने कहा कि  चंद्रयान 3 की सफलता की कामना के साथ आज पार्थिव शिवलिंग की पूजा और हवन यज्ञ किया गया। चंद्रयान की सफल लेंडिंग हमारे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। इस अभूतपूर्व कामयाबी में देश के वैज्ञानिकों का अथक प्रयास और सर्मपण अतुलनीय है। चंद्रयान की सफल लेंडिंग अंतरिक्ष में भारत की एक ऊंची छलांग है।

कृष्णागिरी पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तमिलनाडु के पीठाधिपति संत वसंत विजय महाराज भक्तों को अपनी मधुर वाणी से शिव महापुराण का रसापान करा रहे थे।

शिव दरबार के पवित्र क्षेत्र में, संत डॉ. वसंत विजय जी महाराज ने शिव मानस की विस्मयकारी पूजा का आयोजन किया, जिससे अनगिनत लोगों को उनके कष्टों से मुक्ति मिली। शिव मानस पूजा के महत्व पर जोर देते हुए, संत ने शिवपुराण में वर्णित भगवान शिव के दिव्य नाम में खुद को विसर्जित करने की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित किया।

उत्सव में उपस्थित लोगों ने कथा पंडाल में एकत्रित होकर प्रभावशाली 2,08,000 पार्थिव शिवलिंग बनाए।  विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ इन पवित्र शिवलिंगों की पूजा के माध्यम से  देश के लिए आज का सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिवस चंद्रयान 3 के चंद्रमा के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की भगवान शिव से प्रार्थना एवं कामना की। 55-दिवसीय उत्सव के दौरान, उल्लेखनीय एक करोड़ ग्यारह लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और अभिषेक किया जाना है।
डॉ. वसंत विजय महाराज ने यज्ञ अनुष्ठान की पवित्रता के बारे में बताते हुए सूखे मेवे, लकड़ी, घी, शहद और गुग्गुल के प्रसाद के माध्यम से ग्रहों के प्रभाव को शांत करने की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला। यह, बदले में, दैवीय कृपा का आह्वान करता है, भक्तों के जीवन में खुशी, शांति और समृद्धि के द्वार खोलता है।

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