वजन कम करो, तब टीम इंडिया में होगी एंट्री…  स्टार खिलाड़ी को बीसीसीआई की दो टूक

वजन कम करो, तब टीम इंडिया में होगी एंट्री… स्टार खिलाड़ी को बीसीसीआई की दो टूक

नई दिल्ली।

वेस्टइंडीज दौरे के लिए वनडे और टेस्ट टीम में सरफराज खान को जगह नहीं मिली, जिस पर लीजेंड सुनील गावस्कर जैसे पूर्व दिग्गज ने भी आलोचना की थी। भारतीय टीम को अगले महीने यानी जुलाई में वेस्टइंडीज दौरे पर जाना है। यहां दोनों टीमों के बीच टेस्ट, वनडे और टी20 की सीरीज खेली जाएगी। इस विंडीज दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान कर दिया गया है, जिसमें कई चौंकाने वाले नाम सामने आए। मगर एक स्टार खिलाड़ी को बाहर किया गया है, जिसने सभी को हैरान किया है. यह प्लेयर सरफराज खान है।

सरफराज को जगह नहीं मिलने पर लीजेंड सुनील गावस्कर जैसे पूर्व दिग्गज ने आलोचना की थी। मगर अब बीसीसीआई के एक सूत्र ने दावा किया कि इस फैसले के पीछे मुंबई के बल्लेबाज की खराब फिटनेस और अनुशासन में कमी बड़ा कारण है। दाएं हाथ के बल्लेबाज सरफराज ने रणजी ट्रॉफी के पिछले तीन सीजन में 2566 रन बनाए हैं। उन्होंने अपने करियर में फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 37 मैचों में 79.65 की औसत से ये रन बनाए हैं। ऐसे में अंडर-19 वर्ल्ड कप में दो बार देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी को टीम इंडिया में जगह नहीं देने पर सवाल उठ रहा है।

जबकि भारतीय टीम में ऋतुराज गायकवाड़ का चयन हुआ है, जिनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर का औसत 42 के करीब है। टीम के चयन से जुड़े बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह की नाराजगी वाली प्रतिक्रियाएं समझ में आती हैं लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि सरफराज को बार-बार नजरअंदाज किए जाने के पीछे का कारण सिर्फ क्रिकेट नहीं है। ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से उनका चयन नहीं हो रहा है।

सरफराज को अपना वजन करना होगा कम

अधिकारी ने सवालिया लहजे में कहा, ‘क्या चयनकर्ता नासमझ हैं, जो लगातार दो सीजन में 900 से अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी को नजरअंदाज करेंगे? टीम में चयन नहीं होने के पीछे एक बड़ा कारण उनकी फिटनेस है, जो इंटरनेशनल लेवल की नहीं है। सरफराज को इस मामले में काफी मेहनत करनी होगी और अपना वजन कम करके अधिक फिटनेस के साथ वापसी करनी होगी। चयन के लिए केवल बल्लेबाजी फिटनेस ही एकमात्र मानदंड नहीं है।’

बीसीसीआई के अधिकारी के मुताबिक फिटनेस के साथ ही सरफराज का मैदान के अंदर और बाहर का रवैया भी अनुशासन के मानदंड पर खरा नहीं रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैदान के अंदर और बाहर उसका आचरण शीर्ष स्तर का नहीं रहा है। उसकी कुछ बातें और कुछ भाव भंगिमा अनुशासन की दृष्टिकोण से अच्छी नहीं रही है। उम्मीद है कि सरफराज के साथ उनके पिता तथा कोच नौशाद खान न पहलुओं पर काम करेंगे।’ माना जा रहा है कि इस साल दिल्ली के खिलाफ रणजी मैच में दिल्ली के खिलाफ शतक लगाने के बाद सरफराज का आक्रामक तरीके से जश्न मनाना चयनकर्ताओं को नागवार गुजरा। उस समय चयन समिति के तत्कालीन प्रमुख चेतन शर्मा स्टेडियम में मौजूद थे। इससे पहले, 2022 रणजी ट्रॉफी फाइनल के दौरान उनके आचरण ने मध्यप्रदेश के कोच और मुंबई के पूर्व दिग्गज चंद्रकांत पंडित को नाराज कर दिया था।

इस अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या आईपीएल के खराब प्रदर्शन और शॉट गेंद के सामने उनकी कमजोरी के कारण ने क्या ऐसा फैसला लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा, ‘यह मीडिया द्वारा बनाई गई धारणा है. जब मयंक अग्रवाल भारतीय टेस्ट टीम में आए, तो उन्होंने एक सीजन में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगभग 1000 रन बनाए थे। क्या एमएसके प्रसाद की समिति ने उनके आईपीएल रिकॉर्ड को देखा? हनुमा विहारी के साथ भी ऐसा ही था। वह भी घरेलू क्रिकेट खेल कर राष्ट्रीय टीम में आये थे। भारतीय टीम में चयन के लिए जब उनके आईपीएल रिकॉर्ड को नहीं देखा गया तो फिर सरफराज के साथ ऐसा क्यों होगा। बीसीसीआई के अधिकारी ने कहा कि सरफराज के लिए अब टीम में जगह बनाना और मुश्किल होगा। गायकवाड़ के साथ सूर्यकुमार यादव भी टीम में जगह के दावेदार है और श्रेयस अय्यर जब चोट से उबर जाएंगे तो टीम में वापसी का उनका भी दावा मजबूत होगा।

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