राष्ट्रपति मुर्मू ने 30 नर्सिंग पेशेवरों को दिया राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल सम्मान

राष्ट्रपति मुर्मू ने 30 नर्सिंग पेशेवरों को दिया राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल सम्मान

नई दिल्ली।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को नर्सिंग क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए 30 पेशेवरों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल सम्मान 2022 और 2023 से सम्मानित किया। मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में यह सम्मान प्रदान किए। इस समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी मौजूद थे।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की स्थापना केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने वर्ष 1973 में नर्सों और नर्सिंग पेशेवरों की ओर से समाज को प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं के सम्मान के रूप में की गई थी। ये फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सम्मान में दिए जाते हैं, जिन्हें आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक माना जाता है।

इनको मिला पुरस्कार

वर्ष 2022 के लिए असम, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, लक्षद्वीप, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तराखंड से 15 नर्सिंग पेशेवरों को पुरस्कार दिये गए हैं। वहीं वर्ष 2023 के लिए अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, सिक्किम, पंजाब, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम और पुदुचेरी से 15 नर्सिंग पेशेवरों को पुरस्कार प्रदान किये गए।.

सगी बहनों को मिला अवार्ड

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल स्मिता देवरानी और ब्रिगेडियर एमएनएस, मुख्यालय, दक्षिणी कमान ब्रिगेडियर अमिता देवरानी को वर्ष 2022 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया। आपको बता दें कि मेजर जनरल स्मिता देवरानी और ब्रिगेडियर अमिता देवरानी सगी बहनें हैं।

बिहार शेखपुरा की एनएनएम गायत्री देवी को मिला यह सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार शेखपुरा के गवय गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र केंद्र में तैनात एएनएम गायत्री देवी को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटेंगल पुरस्कार से सम्मानित किया। पूरे बिहार राज्य से गायत्री देवी सम्मानित होने वालों में अकेली हैं। गायत्री देवी को अपने हाथों पुरस्कृत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके निष्पक्ष और निर्भीक होकर लोगों को स्वास्थ्य सेवा देने के कार्यों की प्रशंसा की। बता दें कि कोरोना काल में इनकी ओर से किए गए बेहतर कार्य को लेकर इन्हें जिला स्तर पर कोरोना वॉरियर्स का पुरस्कार भी राज्य सरकार से प्राप्त है। इसके अलावा राज्य स्तर पर भी गत माह उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के हाथों इनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जा चुका है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गायत्री देवी सदर प्रखंड अंतर्गत सिरारी गांव की रहने वाली है। इनके सास-ससुर और पति आलोक कुमार सभी शिक्षक हैं।

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