दिल्ली की गर्मी अब हो गई ‘कातिल’, हीटवेव से पहली मौत

नई दिल्ली।

भीषण गर्मी को हल्के में लेने वाले सावधान हो जाएं। अब दिल्ली की गर्मी कातिल हो चुकी है। पहले यूपी-बिहार और राजस्थान में लू से मरने की खबरें आती थीं। मगर अब दिल्ली में भी लू ने जान लेना शूरू कर दिया है। दिल्ली में हीटवेव ने एक शख्स की जान ले ली है। इस सीजन भीषण गर्मी से दिल्ली में यह पहली मौत है। दिल्ली में गर्मी ने पिछले 79 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 79 सालों बाद दिल्ली में इतनी गर्मी पड़ रही है। 40 वर्षीय शख्स की आरएमएएल यानी राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हीट स्ट्रोक से मौत हो गई। मृतक बिहार के दरभंगा का रहने वाला था।

भीषण गर्मी की वजह से जान गंवाने वाला शख्स पाइपलाइन फिटिंग बनाने वाली एक फैक्ट्री में काम करता था। उसे उसके रूममेट और फैक्ट्री के दूसरे स्टाफ ने सोमवार आधी रात को आरएमएल में भर्ती कराया था। उसका इलाज करने वाले एक डॉक्टर ने बताया, ‘वह बिना कूलर या पंखे वाले कमरे में रह रहा था। उसे बहुत तेज बुखार हो गया था। उसके शरीर का तापमान 107 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर चला गया।

डॉक्टर की मानें तो अस्पताल पहुंचने के बाद उसे तुरंत हीट स्ट्रोक यूनिट में भर्ती कराया गया था। वह मंगलवार शाम तक यूनिट में रहा। बुधवार सुबह उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टर ने बताया कि शरीर का तापमान नियंत्रित न हो पाने के कारण उसकी मौत हो गई। दिल्ली में बढ़ते तापमान की वजह से 8 मई को आरएमएल अस्पताल में पहली बार एक हीट स्ट्रोक यूनिट की स्थापना की गई है। 40 वर्षीय मृतक पिछले पांच सालों से दिल्ली में काम कर रहा था।

आरएमएल अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने बताया कि पिछले हफ्ते हीट स्ट्रोक यूनिट में 6-7 मरीज भर्ती हुए थे। डॉक्टर अजय चौहान इस यूनिट के प्रमुख भी हैं। उन्होंने बताया कि जो मरीज अस्पताल में आए थे उनमें दो मरीज अभी भी अस्पताल में ही हैं। उनमें से एक हीट एग्जॉशन का मामला है।

कैसे होता है हीट स्ट्रोक?

डॉक्टर के मुताबिक जब वह अस्पताल पहुंचा, तो वह पूरी तरह से विचलित था। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक तब होता है, जब शरीर अपने बढ़ते तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता है और शरीर को ठंडा करने में मदद करने वाला पसीना निकालने वाला तंत्र काम करना बंद कर देता है। वहीं हीट एग्जॉशन एक ऐसी स्थिति है, जब शरीर बहुत अधिक गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना निकलता रहता है।

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