A man drinks water at a roadside stall serving free drinking water to commuters as heat wave continues to grip the Indian capital, New Delhi, India, Wednesday, May 22, 2024. (AP Photo/Manish Swarup)

जून अभी बाकी और 50 डिग्री छू रहा पारा! जानिए क्यों भभक रही दिल्ली

जून में तापमान इससे अधिक रहने की मौसम विभाग ने जताई संभावना

नई दिल्ली।

जून का महीना शुरू होने से पहले ही देश के राज्यों में भयानक गर्मी पड़ रही है। खासकर उत्तर-पश्चिम भारत में, दिल्ली का तो हाल बेहाल है। उत्पीड़न करने वाली हीटवेव है। लोग परेशान हैं लेकिन गर्मी कम नहीं हो रही है। अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 8 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है यानि 50 डिग्री पारा छू रहा है। मंगलवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में मौसम विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार यह पारा छूता नज़र आया। मौसम विभाग ने दिल्ली को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के चीफ डॉ. मृत्युंजय महापात्रा की माने तो जून में इस तापमान में और ज्यादा इजाफा हो सकता है। हालांकि 30 मई के बाद कुछ दिन जरूर राहत मिल सकती हैं। फिलहाल अभी गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।

इसलिए भभक रही दिल्ली

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली चारों तरफ से लैंडलॉक्ड है। यानी इसके चारों तरफ किसी भी दिशा में सिर्फ जमीन ही जमीन है। भौगोलिक स्थित देखें तो यह पाकिस्तान की गर्मी, राजस्थान के रेगिस्तान और हिमालय के बीच की जमीन है। इन जगहों पर होने वाले मौसमी या जलवायु संबंधी बदलाव का असर सीधे तौर पर दिल्ली तक आता है। दिल्ली के पश्चिम में मौजूद राजस्थानी रेगिस्तान में वायुमंडलीय बदलाव होने पर सीधा असर राष्ट्रीय राजधानी पर पड़ता है। मई में सूरज की गर्मी की वजह से रेगिस्तान गर्म हो जाता है। तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। वायुमंडलीय स्थितियां सूखी रहती हैं। ह्यूमिडिटी खत्म हो जाती है या बेहद कम रहती है। सूखा और उसके साथ हवा की दिशा दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गर्मी बढ़ा देती है। फिलहाल जो गर्मी है, उसके पीछे एक वजह पश्चिम से आ रही गर्म हवा है। इससे रेगिस्तानी गर्मी बहकर उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों में आती है। इसकी वजह से दिल्ली और उसके आसपास का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर ही रहता है।

इसलिए 50 छू रहा पारा

मई को एतिहासिक तौर पर देश का सबसे गर्म महीना माना जाता है। लेकिन इस साल दिल्ली में तापमान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। जो संभावनाएं, आशंकाएं और उम्मीदें थी, सब टूट गईं। लगातार 15 दिन से दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। मौसम का नया पैमाना सेट हो रहा है। दिन का तापमान तो जला ही रहा है। रात का बढ़ता पारा भी शरीर को झुलसाने लायक हो चुका है। लोग रात में ढंग से सो नहीं पा रहे हैं। इससे उनका पूरा दिन खराब हो रहा है। शारीरिक दिक्कतें हो रही हैं। मानसिक समस्याएं भी हो रही हैं। दिल्ली अर्बन हीट आइलैंड में तब्दील हो चुकी है, इस वजह से ही पारा 50 डिग्री छू रहा है।

क्या होता है अर्बन हीट आइलैंड

अर्बन हीट आइलैंड्स वो जगह होती है जहां पर शहर के अंदर ही ज्यादा गर्मी महसूस होती है। तापमान ऊपर रहता है क्योंकि वहां पर काफी ज्यादा घनत्व में इमारतें होती हैं, हरियाली कम होती है या न के बराबर होती है। ये इलाके ज्यादा गर्मी सोखते हैं और ज्यादा समय तक गर्म रहते हैं। इसलिए ही दिल्ली और आस-पास के काफी इलाके रात में भी गर्म रहते हैं, क्योंकि वहां की इमारतों के मैटेरियल गर्मी निकालते रहते हैं।

ये भी एक वजह

इसके अलावा दूसरी सबसे बड़ी वजह है एयर कंडिशनर (एसी) का बेतहाशा इस्तेमाल, इसकी वजह से पारा और ऊपर जाता है। एसी अपने आप में हीट पंप होते हैं। ये गर्मी पैदा करते हैं। घर के अंदर तो ये ठंडा कर देते हैं लेकिन वायुमंडल को गर्म बना देते हैं। इनकी वजह से भी गर्मी में इजाफा होता है।

जून में तापमान अधिक रहने की संभावना

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर पश्चिम भारत के हिस्सों में भीषण लू चल रही है। 30 मई से इसकी तीव्रता कम होगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने और अरब सागर से नमी के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। बारिश ज्यादा नहीं होगी और राहत मिले इसकी गुंजाइश कम है। जून में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। यहां सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है।

दिल्ली में इस बार गर्मी पहले से अधिक

दिल्ली में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार रहा। कई जगह तो 50 डिग्री को भी छू गया। नजफगढ़ में 49.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 29 मई को भी लू व भीषण गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया है। 28 मई को हीट इंडेक्स 48 डिग्री रहा। यानी 45 डिग्री में लोगों को 48 डिग्री वाली गर्मी का अहसास हुआ।

41 डिग्री हीट इंडेक्स घातक

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने देश के 6 शहरों- दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नै, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई को लेकर एक स्टडी की है। 24 सालों की इस स्टडी में पाया है कि सिर्फ तापमान नहीं बढ़ रहा है। बल्कि हवा, जमीनी सतह का तापमान और नमी मिलकर इन शहरों को असहनीय गर्मी की तरफ धकेल रहे हैं। 41 डिग्री का हीट इंडेक्स लोगों के लिए घातक माना जाता है। सीएसई की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता राय चौधरी के मुताबिक इस बदलाव को देखते हुए दिन और रात के लिए हीट मैनेजमेंट प्लान बनाने की जरूरत है। जरूरी है कि लू के समय इमरजेंसी उपाय किए जाएं। इस प्रकोप को कम करने के लिए लॉन्ग टर्म प्लान बने। इसके लिए ग्रीन एरिया और वॉटरबॉडी बढ़ाने, बिल्डिंग का थर्मल कंफर्ट सुधारने, गाड़ियों से निकलने वाली गर्मी को कम करने, एसी और इंडस्ट्री पर फोकस करने की जरूरत है।

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